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इसका कोई परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ इलाज संà¤à¤µ नहीं है। लेकिन, इसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही पहचान करते हà¥à¤ रोका जा सकता है। इसके लिठसंकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को फाइलेरिया गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ अंगों को पूरी तरह सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी से साफ करना चाहिà¤à¥¤ साथ ही सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपलबà¥à¤§ कराई जा रही डीईसी व अलà¥à¤¬à¥‡à¤‚डाजोल की दवा का नियमित सेवन करना चाहिà¤à¥¤
फाइलेरिया का नहीं है कोई इलाज, इस उपाय से कर सकते हैं बचाव
हाथी पांव यानी फाइलेरिया होने पर पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में उसे रोका तो जा सकता है लेकिन खतà¥à¤® नहीं किया जा सकता। चरगांवा बà¥à¤²à¥‰à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के मोहित (परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ नाम) को à¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ अब जीवन à¤à¤° ढोना पड़ेगा। हाथी पांव से पीड़ित 18 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ मोहित बताते हैं कि तीन वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ अचानक पैर लाल होना शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† और फिर उनमें सूजन बढ़ने लगी। जांच कराने पर फाइलेरिया बताया गया।
तब से निजी चिकितà¥à¤¸à¤•ों, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में इलाज कराने जा चà¥à¤•े हैं लेकिन हर जगह मायूस होना पड़ा। जवाब मिला कि फाइलेरिया पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता लेकिन सावधानी रख कर इसका पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° और इससे होने वाले नà¥à¤•सान को रोका जा सकता है।
मोहित का सà¥à¤•ूल जाना à¤à¥€ छूट गया, दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ उसे समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कहते हैं कि कà¥à¤·à¥à¤ रोग के कारण खराब हà¥à¤ अंगों को तो रिकंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के जरिठदोबारा सही किया जा सकता है लेकिन हाथी पांव की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं सà¥à¤²à¤à¤¾à¤ˆ जा सकती। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. à¤à¤¨à¤•े पांडेय ने कहा कि अगर दो साल की उमà¥à¤° पूरी करने के बाद पांच साल तक लगातार साल में à¤à¤• बार फाइलेरिया की दवा का सेवन किया जाठतो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इस बीमारी से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो जाता है। मोहित जैसे मरीजों को 12 दिन की फाइलेरिया की दवा दी जाती है। यह दवा छह महीने के बाद देने का नियम है।
फाइलेरिया मरीज बरतें यह सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. à¤à¤•े पांडेय ने बताया कि फाइलेरिया के मरीज को सामानà¥à¤¯ पानी से नहाना चाहिà¤à¥¤ बिसà¥à¤¤à¤° को पैर की तरफ छह इंच ऊंचा रखना चाहिà¤à¥¤ पैर को रगड़ कर साफ करने से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ पैरों को बराबर रख कर आरामदेह मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठना चाहिà¤à¥¤ पटà¥à¤Ÿà¥‡ वाला ढीला चपà¥à¤ªà¤² पहनने के साथ सूजन वाली जगह को हमेशा चोट से बचाना चाहिà¤à¥¤
फाइलेरिया से बचाव के लिठ17 से 29 फरवरी तक जिले में अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ चलाया जाà¤à¤—ा। इस दौरान आशा कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ घर-घर जाकर à¤à¤•-à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को फाइलेरिया की दवा खिलाà¤à¤‚गी। यह दवा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€, दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और गंà¤à¥€à¤° रूप से बीमार लोेगों को छोड़कर अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ को खिलाई जाà¤à¤—ी।
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